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आईटीआई : थ्योरी तक सीमित छात्रों का प्रशिक्षण

Fri, 04 Nov 2016 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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iti - फोटो : DEMO Pics
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प्रदेश में एक ओर आईटीआई को अपग्रेड करने की योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं स्थानीय आईटीआई (युवक) में प्रशिक्षण का बुरा हाल है। यहां छात्रों का प्रशिक्षण केवल थ्योरी तक सीमित रह गया है। बजट के अभाव में उन्हें वर्कशाप में मशीनों का प्रशिक्षण नहीं मिल रहा।
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सीएनसी मशीन भी कई माह से खराब पड़ी है, जिसे दुरुस्त कराने को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने भी इस संबंध में निर्देश दिए थे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

हल्द्वानी स्थित आईटीआई (युवक) में फिटर, टर्नर, मशीनिष्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलैक्ट्रीशियन समेत कई ट्रेडों में प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था है। इसमें तीन सौ से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। इस आईटीआई में छात्रों का प्रशिक्षण भगवान भरोसे ही चल रहा है।
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हाल यह है कि छात्रों को क्लासों में केवल थ्योरी ही पढ़ाई जा रही है। इस थ्योरी के आधार पर उन्हें ट्रेडों के बारे में व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए नियमानुसार वर्कशॉप में जॉब प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। लेकिन, छात्रों को जॉब प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है।

वर्कशाप में कई मशीनों की स्थिति यह है कि उन्हें छात्रों ने आईटीआई में प्रवेश लेने के बाद से आज तक छूकर तक नहीं देखा। अनुदेशक भी इस स्थिति से खासे परेशान हैं कि छात्रों को कच्चा माल (रॉ मैटेरियल) के बिना जॉब प्रशिक्षण कैसे दिया जाए।

जब कच्चा माल ही नहीं मिलेगा तो छात्रों को वर्कशॉप में प्रशिक्षण क्या दिया जाएगा। इसकी मुख्य वजह कच्चा माल खरीदने के लिए बजट का न मिलना बताया जा रहा है। आईटीआई को वर्कशॉप प्रशिक्षण को बजट ही नहीं मिला है।

इधर, छात्रों का कहना है कि अगस्त से नया सत्र शुरू होने के बाद से उन्हें अब तक केवल थ्योरी ही पढ़ाई गई है। अभी तक वर्कशॉप प्रशिक्षण नहीं दिया गया।

बता दें कि दो माह पहले प्रशिक्षण एवं सेवायोजन एवं दुग्ध मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने निदेशालय कार्यालय एवं आईटीआई का औचक निरीक्षण किया था तो भी ये समस्या उठी थी।

कबीना मंत्री दुर्गापाल ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित भी किया था कि वर्कशाप के लिए पर्याप्त बजट दिया जाए और खराब मशीनों को ठीक कराया जाए लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बारे में प्रधानाचार्य जेएम नेगी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन जिले से बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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