राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (युवक) की दशा जल्द सुधरेगी। इसके लिए शासन ने 73 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की है। पेयजल निगम को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आईटीआई में करीब 450 छात्र ट्रेनिंग ले रहे हैं।
मालूम हो कि आईटीआई भवन का निर्माण वर्ष 1970 में कराया गया था। भवन का निर्माण होने के बाद इसके रंग रोगन और मरम्मत के लिए कभी शासन से बजट नहीं मिला। जिसके कारण भवन जर्जर होता गया। वर्कशाप की हालत यह हो गई कि ट्रेनिंग के समय बरसात होने पर वर्कशाप के अंदर भी बारिश का पानी टपकता था। क्लास रूम में वायरिंग भी उखड़ने से इधर उधर तार लटके रहते हैं।
इस कारण छात्रों को ट्रेनिंग करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की मांग के बाद अब शासन ने वर्कशाप आदि भवन की मरम्मत और सुधार के लिए 73 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।
प्रधानाचार्य जेएम नेगी ने बताया कि इस राशि से वर्कशाप, हास्टल भवन समेत सभी क्लासरूमों का रंगरोगन के साथ मरम्मत कार्य किया जाएगा। भवन की रंगाई पुताई के अलावा क्लासरूमों की वायरिंग दुरुस्त करने का काम भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईटीआई में मरम्मत आदि का कार्य पेयजल निगम द्वारा कराया जाएगा, इसका बजट शासन ने पेयजल निगम को ही दिया है।