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अभी नहीं संभले तो हल्द्वानी में सांस लेना होगा मुश्किल

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हल्द्वानी। अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में हल्द्वानी की आबोहवा में जीना मुश्किल हो जाएगा। हल्द्वानी की हवा अब दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के आंकड़ों पर गौर करें तो हल्द्वानी की हवा अभी मध्यम श्रेणी की है। हल्द्वानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 118 है और दीपावली के दिन यह 297 तक पहुंच गया था। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में कम था। पिछले साल दीपावली के दिन ये 302 था।
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पीसीबी हर साल जलसंस्थान हल्द्वानी कार्यालय की छत में प्रदूषण का स्तर नापने के लिए मशीन लगाता है। यह मशीन 15 दिन तक काम करती है। हल्द्वानी में मशीन छह नवंबर से लगी है और 21 नवंबर तक लगी रहेगी। अभी तक जो आंकड़े सामने आए हैं उनके अनुसार हल्द्वानी की हवा मध्यम श्रेणी की है। हालांकि पर्टिकुलेट मैटेरियल यानी कणिकीय पदार्थ (पीएम) 10 और पीएम 2.5 का स्तर तय मानक से ऊपर है।
बारिश ने दी राहत
बारिश से वायु प्रदूषण में कमी आई। रविवार को हुई बारिश से हल्द्वानी की हवा अच्छी हो गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) हल्की बारिश से ही 148 प्वांइट नीचे गिर गया। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 297 था।
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वायु प्रदूषण की स्थिति
दिन पीएम 10 पीएम 2.5
7 नवंबर 123.8 65.4
8 नवंबर 127.4 66.8
9 नवंबर 125.5 65.7
10 नवंबर 124.1 65.2
11 नवंबर 125.2 66.1
12 नवंबर 129.1 67.1
13 नवंबर 132.2 69.7
14 नवंबर 212.6 119.2
15 नवंबर 140 74.6
(नोट: हवा में पर्टिकुलेट मैटेरियल (पीएम) 10 का स्तर 100 से ज्यादा स्वास्थ के लिए खतरनाक है। पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम/घन मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए)
अमर उजाला की ओर से अभियान चलाने के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले साल दिवाली की तुलना में कम रहा। अगर कोर्ट का निर्णय पहले आ जाता तो एक्यूआई और घट जाता है।
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-आरके चतुर्वेदी, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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