हल्द्वानी। गौलापार और चोरगलिया क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों ने गौलापार में ही आईएसबीटी बनाए जाने की मांग को लेकर बुद्ध पार्क में अनशन प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि गौलापार में पुरानी जगह पर आईएसबीटी को बनाए जाने को लेकर कई पेड़ काट दिए गए थे। अब उस जगह पर आईएसबीटी को न बनाया जाना पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने निजी स्वार्थ के लिए आईएसबीटी की जगह बदल दी है। कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश ने कहा कि रिंग रोड को लेकर भी झूठ बोला गया और गौलापार में आईएसबीटी न बनने का भी भाजपा ने जश्न मनाया था।
ये रहे मौजूद
संध्या डालाकोटी, हरेंद्र बोरा, इंद्रपाल आर्या, बलजीत पवार, राजेंद्र खनवाल, भुवन पोखरिया, सुरेंद्र बर्गली, किरन डालाकोटी, प्रकाश राम टम्टा, जितेंद्र बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, राजेंद्र सिंह खनवाल, सतीश नैनवाल, एनके कपिल, भूपाल संभल आदि थे।
जनप्रतिनिधियों में गुस्सा
खेड़ा की प्रधान लीला बिष्ट ने कहा कि गौलापार में आईएसबीटी को बनाए जाने से रोकना गलत है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विद्या लोशाली ने कहा कि अब स्थानीय लोगों ने अब आंदोलन शुरू कर दिया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट ने कहा कि सरकार को जनता की मंशा समझनी चाहिए। महेश बिष्ट के अनुसार सरकार अब जहां आईएसबीटी बनाए जाने की बात कह रही है वहां अब तक जमीन तक का निर्धारण ढंग से नहीं हो पाया है। हरेंद्र क्वीरा और महेश सुयाल ने कहा कि गौलापार-चोरगलिया क्षेत्र पिछड़े रहे हैं इसलिए यहां आइएसबीटी बनना जरूरी है।
योजना पर एक नजर
-2006 में गौलापार में तराई पूर्वी वन प्रभाग गौला रेंज की आठ हेक्टेयर भूमि आईएसबीटी के लिये हस्तांतरित की गई।
-2016 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने आईएसबीटी का शिलायांस किया।
-2017 में भाजपा सरकार ने योजना के लिए जमीन परिवर्तन की बात कहके गौलापार में प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी।
-बाद में तराई केंद्रीय वन प्रभाग की दस हेक्टेयर की भूमि का तीनपानी क्षेत्र में चयन हुआ।