नैनीताल। हाइकोर्ट ने ग्राम संतरशाह रानीपुर रोड हरिद्वार में यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाए जा रहे पुल के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जहां पर पुल बनाया जा रहा है उस स्थान का मौका मुआयना कर दस दिन के भीतर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने यह भी बताने के लिए कहा है कि इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी ली गई है या नहीं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी सुरेश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हरिद्वार रानीपुर रोड ग्राम संतरशाह में पीडब्ल्यूडी की ओर से यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से पुल का निर्माण किया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि पुल के बनने से नदी का प्रवाह रुक रहा है और वहां ऐसी स्थिति में खेतों और आबादी में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिका में कहा गया कि जब इसकी शिकायत सिंचाई विभाग से की गई तो विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।