नैनीताल। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बलियानाला से रिस रहे पानी के सदुपयोग के लिए जलसंस्थान और सिंचाई विभाग को हफ्ते भर में प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने निर्देश दिए हैं।
डीएम बृहस्पतिवार को बलियानाला क्षेत्र के भूगर्भीय जल के सदुपयोग को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी उसी के अनुरूप काम शुरू कराया जाएगा। जायका के सीई जय कुमार शर्मा ने बताया कि जायका की ओर से बलियानाला क्षेत्र में ड्रिलिंग कर परीक्षण करते हुए सभी बोर (सुराख) में पीजो मीटर लगाए गए थे, जो कि लगातार भूगर्भीय पानी के मापन का कार्य कर रहे हैं। बताया कि बलियानाला भूस्खलन क्षेत्र में दो जगह से प्रतिदिन करीब छह एमएलडी पानी का रिसाव हो रहा है। कहा कि जीआईसी और जीजीआईसी परिसर टेस्ट बोर कर परीक्षण करने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं।
डीएम ने कहा कि रिसाव के पानी की कम उपलब्धता होने पर पानी का उपयोग तल्लीताल के निचले क्षेत्रों में पेयजल के रूप में किया जाएगा और ज्यादा होने पर पानी को लिफ्ट कर शेरवुड या राजभवन के पास टैंक बनाकर आवश्यकता वाले अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पेयजल के लिए झील के पानी पर निर्भरता कम होगी तथा झील में भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में धन की कोई कमी नहीं होगी।
वीसी में डॉ. संदीप सिंह आईआईटी रुड़की, संतोष उपाध्याय अधिशासी अभियंता जलसंस्थान, हरीश चंद्र सिंह अधिशासी अभियंता सिंचाई, जीएस तोमर अधिशासी अभियंता जल निगम, सुधीर कुमार अधिशासी अभियंता यांत्रिकी आदि मौजूद थे।