फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी प्रमाण पत्रों पर हाईकोर्ट सख्त: नीट काउंसलिंग में आरक्षण का लाभ लेने वालों की होगी जांच, दिए ये निर्देश

Thu, 15 Oct 2026 10:56 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने नीट काउंसलिंग में फर्जी प्रमाण पत्रों से आरक्षण लेने के मामले में राजस्व सचिव को सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिका में सामने आया कि सेनानी कोटे के तहत कई फर्जी प्रमाण पत्र लगाए गए थे।
विज्ञापन
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में नीट काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य के राजस्व सचिव को आरक्षण का लाभ लेने वाले सभी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के जांच के निर्देश दिए हैं।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नीट की प्रथम और द्वितीय काउंसलिंग के दौरान कई अभ्यर्थियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत फर्जी प्रमाण पत्र लगाए गए थे। जांच में पाया गया कि दस्तावेजों पर दर्ज प्रमाण पत्र संख्या किसी और की है और नाम किसी अन्य व्यक्ति का है।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता द्वारा किए गए विस्तृत सत्यापन में यह खुलासा हुआ कि सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं, बल्कि ईडब्ल्यूएस, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य कई दस्तावेज भी फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे लगभग 770 ऐसे छात्रों ने आरक्षण का लाभ उठाया, जो उत्तराखंड के मूल निवासी नहीं हैं, जबकि उनके स्कूल और कॉलेज तमिलनाडु, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों से संबंधित पाए गए।सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि इन अनियमितताओं की जांच के लिए पहले ही एक एसआईटी का गठन किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने राजस्व सचिव को निर्देश दिए कि वे इन सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें