भीमताल/गरमपानी (नैनीताल)। नरभक्षी के हमले में दो महिलाओं की मौत के बाद भी वन विभाग हमलावर बाघ था या तेंदुआ इसकी पुष्टि नहीं कर पा रहा है। हालांकि वन विभाग ने नरभक्षी को पकड़ने के लिए भीमताल के मलुवाताल, पिनरों और हैड़ाखान क्षेत्र में 11 पिंजरे लगा दिए गए हैं। साथ ही विभाग की ओर से नरभक्षी पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में उजाला करने के लिए मलुवाताल और पिनरों में 32 सोलर लाइट लगाने शुरू कर दिए।
विभाग ने 38 कैमरा ट्रैप के साथ वन कर्मियों की टीम से गश्त कराई जा रही है। इसके बाद भी विभाग को सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि विभाग को मलुवाताल और पिनरों में तेंदुए की फुटेज और हैड़ाखान क्षेत्र में बाघ के पगचिह्न मिले हैं।
वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत ने बताया कि मलुवाताल, पिनरों में 11 पिंजरे लगाने के साथ 32 सोलर लाइट लगाई गई है। साथ ही ट्रैप कैमरे के साथ वन कर्मियों की टीम क्षेत्र में मूवमेंट बनाए हुए हैं। दुदुली, अम्दौ, छोटा कैलाश क्षेत्र में भी सोलर लाइट लगाने के लिए पत्र लिखा है। ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ वन कर्मियों की मौजूदगी में महिलाएं चारा लेने जा रही हैं।
इधर बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में भय हैं। दिन में लोग काम पर जाने के बाद शाम होने से पहले घर लौट रहे हैं। मझेड़ा, नौणा व्यासी, सीम, दडमाणी के आबादी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दे रहा है।
रविवार रात ढोन गांव में तेंदुआ आने पर ग्रामीणों ने शोर मचाया और पटाखे छोड़कर तेंदुए को जंगल में भगाया। वहीं अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत ब्लॉक के काकड़ीघाट और चापड़ गांव में भी तेंदुआ आबादी में आने से लोग डरे हुए हैं। चापड़ निवासी समाजसेवी दीपक जोशी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में वन विभाग ने पिंजरे लगाए हैं।