बलियानाला क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से नैनीताल शहर को खतरा बना हुआ है। इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी। शासन की पहल पर बलियानाला के संरक्षण और सूखाताल जलस्रोत को पुनर्जीवित किए जाने को लेकर भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग देहरादून के भू-वैज्ञानिक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बलियानाला व सूखाताल क्षेत्र का निरीक्षण किया।
बुधवार को भी टीम ने हरिनगर और बलियानाला के भूस्खलन वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर भूस्खलन के कारणों को तलाशा। उन्होंने फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में सड़क निर्माण समेत किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं किए जाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बलियानला संवेदनशील है। मनमाने और बेतरतीब तरीके से किसी तरह का निर्माण या इस जगह पर किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
जल्द इस मामले विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी। सर्वे टीम में जीएसआई के वैज्ञानिक भूपेंद्र सिंह, पर्यावरणविद् प्रो. अजय रावत, आईआईटी के रिटायर्ड आफिसर प्रो. पीके पांडे, सिंचाई के अधीक्षण अभियंता डीएस कुटियाल, अधिशासी अभियंता ब्रजेंद्र कुमार, सहायक अभियंता डीसी पंत, अवर अभियंता सुधीर कुमार आदि थे।