उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के प्राईवेट परीक्षार्थियों में जहां कमी आई है वहीं संस्थागत छात्रों में बढ़ोत्तरी हुई है।
इसी तरह प्रदेशभर में बने मूल्यांकन केंद्रों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन केंद्रों में कोई असर नहीं पड़ा है। वर्ष 2011 से 2015 तक 13 संकलन तथा 18 उप संकलन केंद्र ही बने।
परिषद के अपर सचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया वर्ष 2010 में हाईस्कूल, इंटर परीक्षा के लिए 15 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। जिसमें इंटर की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन 2110, हाईस्कूल का मूल्यांकन 3150 शिक्षकों ने किया। वर्ष 2011 में कुल 15 मूल्यांकन केंद्र बने, जिसमें इंटर की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए 3559, हाईस्कूल में 2357 शिक्षक थे।
2012 में 25 मूल्यांकन में इंटर की उत्तर पुस्तिका जांचने को 2506, हाईस्कूल में 3946 शिक्षक लगाए गए। 2013 में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन को 22 केंद्र तथा हाईस्कूल के लिए 18 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए। इंटर में मूल्यांकन का कार्य 3559 तथा हाईस्कूल में 2357 अध्यापकों द्वारा किया गया।
2014 इंटर में 24 मूल्यांकन में इंटर में 5112, हाईस्कूल में 21 मूल्यांकन केंद्र और 3105 शिक्षक तैनात रहे। 2015 की बोर्ड परीक्षा में कुल 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। जिसमें हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए 3948, इंटर के लिए 2904 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गयी थी।
जिन्होंने अपने कार्यों को बखूबी संपन्न किया। बोर्ड के अपर सचिव ने बताया संकलन केंद्रों की स्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है। क्योंकि इसमें सही तरीके से कार्य संपन्न हो रहे हैं। मूल्यांकन केंद्र में बढ़ोत्तरी तो हुई है। जो बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या के बाद निर्धारित की जाती है।