उत्तराखंड के रेशम उद्योग में पनियाली की महिलाओं ने नई इबारत लिख दी है। राज्य में पहली बार ओक तसर रेशम की स्पिनिंग कर धागा तैयार करने का काम शुरू हुआ है।
मां दुर्गा न्यू रेशम महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने रेशम निदेशालय के सहयोग से राजकीय रेशम फार्म पनियाली में यह पहल शुरू की है। जुलाई 2025 में महज एक महिला से शुरू हुआ यह प्रयास अब 14 महिलाओं तक पहुंच गया है। समूह अब तक 10 किलो 275 ग्राम ओक तसर रेशम का धागा तैयार कर चुका है और शुरुआती चरण में ही महिलाओं ने करीब 25 हजार रुपये की आय अर्जित की है। कुमाऊं मंडल के रेशम उपनिदेशक हेम चंद्र ने बताया कि सात पहले इसकी योजना बनाई गई थी।उसके बाद मुहिम की शुरुआत जुलाई 2025 में महज एक महिला के साथ की गई। वर्तमान में 14 महिला सदस्य इससे जुड़ी हैं।
पहली बार में 25 हजार रुपये की कमाई
समूह की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन की बदौलत पहली बार ओक तसर रेशम की स्पिनिंग से उच्च गुणवत्ता का धागा तैयार किया। इस शुरुआती चरण में ही महिलाएं 25,000 रुपये की कमाई कर चुकी हैं।
इन अधिकारियों का रहा विशेष योगदान
इस प्रोजेक्ट को धरातल पर सफल बनाने और महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष करने में रेशम तकनीकी सेवा केंद्र देहरादून के वैज्ञानिक राहुल पाल, तकनीशियन सुरेश, क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्रीय रेशम बोर्ड भीमताल के एएस वर्मा आदि का योगदान रहा है।