विजेंद्र श्रीवास्तव
हल्द्वानी। शहर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाली 26 प्रतिशत छात्राएं मासिक पीरियड के दौरान विद्यालय नहीं जाती हैैं। कई संस्थानों में मासिक पीरियड को लेकर पैड और उसे डिस्पोज करने के लिए इंसीनेटर जैसी सुविधा तक नहीं है। यह बात मेडिकल काॅलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्ययन में सामने आई है। इस आधार पर मेडिकल कालेज ने कुछ सिफारिश भी की है।
मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने एस्समेंट आफ मैन्युस्ट्रल हाइजिन, सैनिटेशन मैनेजमेंट एंड स्कूल विषय पर अध्ययन करीब 18 महीने पहले शुरू किया था।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. साधना अवस्थी ने बताया कि अध्ययन डॉ. कनकमीत कौर ने करने के बाद थीसिस सौंपी है, इसमें कई बातें सामने आई हैं। अध्ययन में दस सरकारी और इतने ही निजी विद्यालय के 850 छात्राओं को शामिल किया गया। पता चला कि पीरियड के दौरान 26 प्रतिशत छात्राएं दर्द, रिसाव का डर, असहजता आदि के चलते विद्यालय नहीं जाती हैं। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों में मासिक पीरियड को लेकर सेनेट्री पैड की सुविधा और सेनेट्री पैड को नष्ट करने के लिए इंसीनेटर जैसी सुविधा न के बराबर है।
सिफारिश भी की गई
संबंधित विषय पर पुरुष शिक्षक, छात्रों को जागरूक करना
हाइजिन मेंटेन नहीं होने पर दिक्कत से अवगत कराना।
स्कूल में सेनेट्री पैड की सुविधा जैसी भी सिफारिश की गई।
स्कूलों में अध्ययन के साथ इस दिशा में बेहतर हो कार्य।