संभागीय खाद्य नियंत्रक के स्टेट पूल गोदाम कमलुवागांजा और हल्द्वानी में टूटे चावल का सच सामने आ गया है।संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) की ओर से जांच की गई तो प्रथम दृष्टया इस बात की तस्दीक हुई है कि चावल मानकों के विपरीत खरीदा गया है।
आरएफसी ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) मंडी और कमलुवागांजा को हटाकर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) कार्यालय रुद्रपुर अटैच कर दिया है। खटीमा और रुद्रपुर के एसएमओ को हल्द्वानी और कमलुवागांजा का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।
अमर उजाला ने आरएफसी के गोदामों में खराब और टूटा चावल भरने और इसकी आपूर्ति के मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद आरएफसी कुमाऊं वीएस धनिक की ओर से जांच कमेटी बनाई गई थी।
जांच कमेटी ने मंडी और कमलुवागांजा के स्टेट पूल गोदाम से चावल के सैंपल लिए थे। इस दौरान पाया गया कि चावल मानकों के विपरीत खरीदा गया है। प्रथम दृष्टया खराब चावल पाए जाने के बाद आरएफसी कुमाऊं वीएस धनिक ने एसएमओ मंडी दिनेश आर्या और एसएमओ कमलुवागांजा दिनेश बिष्ट को आरएमओ कार्यालय रुद्रपुर अटैच कर दिया है।
वहीं रुद्रपुर के एसएमओ चंद्रशेखर जोशी को कमलुवागांजा और एसएमओ खटीमा कृष्ण कुमार को मंडी स्टेट पूल गोदाम का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
स्टेट वेयर हाउस कॉरपोरेशन को भी लिखा पत्र
आरएफसी कुमाऊं वीएस धनिक ने स्टेट वेयर हाउस कॉरपोरेशन को पत्र लिखकर मंडी और कमलुवागांजा गोदाम में तैनात गोदाम मैनेजर को भी हटाने को कहा है। वीएस धनिक ने बताया कि इनकी ओर से भी लापरवाही बरती गई है। चावल की जिम्मेदारी बराबर इन अधिकारियों की भी बनती है।
गोदाम में उतरने आया सात गाड़ी चावल किया वापस
स्टेट पूल गोदाम कमलुवागांजा में उतरने आया मिलों को सात ट्रक चावल मंगलवार को वापस कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने मानक के विपरीत चावल बता कर इन्हें वापस किया है। इन चावल के सैंपल एक भी पास नहीं हो पाए। कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब एक साथ मिलों का इतना चावल वापस भेजा जा रहा है।
चावल की जांच को बुलाई टीम
आरएफसी कुमाऊं वीएस धनिक ने बताया कि सैंपल के लिए गए चावल की जांच के लिए स्टेट वेयर हाउस कॉरपोरेशन (एसडब्ल्यूसी) की टीम बुलाई गई है। ये टीम चावल की जांच करेगी।