नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की पहल शुरू की है ताकि आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं को कुलपति की अनुपस्थिति में भी उपाधि प्राप्त हो सके।
स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को उपाधि के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना पड़ता है। ऐसे में मूल उपाधि तैयार होने में समय लग जाता है। कई बार विवि के प्रशासनिक भवन में कुलपति के नहीं होने पर उन उपाधियों पर हस्ताक्षर नहीं हो पाते। विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए कुलपति प्रो. डीएस रावत ने डिजिटल हस्ताक्षर से डिग्री जारी करने की पहल शुरू की है ताकि आपात स्थिति में उनके नहीं होने पर भी विद्यार्थियों को उपाधि मिल सके। संवाद
आधार कार्ड लाना हुआ अनिवार्य
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उपाधि लेने के दौरान अपना आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य किया है। साथ ही स्वयं ही उन्हें उपाधि लेने के लिए विवि आना पड़ेगा। इसके अलावा विवि की ओर से उनके पते पर भी उपाधियां भेजी जाती हैं।
कोट
कई विद्यार्थियों को शिक्षा, नौकरी व अन्य कार्याें के लिए जल्द डिग्री की जरूरत होती है, ऐसे में उन्हें डिजिटल हस्ताक्षर वाली उपाधि प्रदान की जा रही है। यह उपाधि तभी जारी की जाएगी कि जब विद्यार्थी विवि में कार्य का साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। - प्रो. डीएस रावत, कुलपति, कुमाऊं विवि