कुमाऊं में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और सरकार भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर सिर्फ बातों तक ही सीमित हैं। ओखलकांडा में दो किलोमीटर मरीज को पैदल लाने के बाद भी 108 सेवा का लाभ नहीं मिला, क्योंकि 108 सेवा का डीजल खत्म हो गया था।
ओखलकांडा के कौंता गांव में जय सिंह बिष्ट की उल्टी-दस्त के कारण रविवार शाम से हालत बिगड़ने लगी थी। सोमवार सुबह पांच बजे 108 सेवा को फोन कर कर्मियों को बताया गया कि इस सेवा के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है तथा घर में बुजुर्ग की तबियत खराब है। परिजन गांव वालों की मदद से मरीज को डोली में दो घंटे पैदल लाने के बाद सूडा तक पहुंचे।
इसके बाद जब 108 सेवा को दोबारा फोन किया गया तो जवाब मिला कि ‘गाड़ी में डीजल नहीं है और हम आपकी कोई मदद नहीं कर सकते’। मरीज की हालत बिगड़ती देख परिजन परेशान हो गए। इसके बाद परिजनों ने एमबीपीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष रहे बहादुर सिंह नगदली को फोन करके समस्या बताई।
नगदली ने अपनी कार भेजकर मरीज को बेस अस्पताल पहुंचाया। सवाल ये उठता है कि जिले में चार दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप है और इसके बावजूद 108 सेवा को डीजल क्यों नहीं मिला? सवाल पूछने पर सीएमओ ने यह तो बताया कि डीजल खत्म होने की जानकारी उन्हें मिली, लेकिन डीजल फिर भरा क्यों नहीं गया, इसका जवाब नहीं मिला।
मामला मेरे संज्ञान में आया था। 108 का डीजल खत्म हो गया था। उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई है।
- डॉ. एलएम उप्रेती, सीएमओ, नैनीताल।