कालाढूंगी। उत्तराखंड में खो-खो की अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही प्रशिक्षण और उचित अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं। यह बात राष्ट्रीय खो-खो कोच संदीप सिंह ने कालाढूंगी में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर के दौरान बातचीत में कही। शिविर में खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे संदीप सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में खो-खो के प्रति विशेष लगाव और उत्साह देखने को मिला है। यदि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में पूरी तरह सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खिलाड़ियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिसके चलते प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि गांवों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। राष्ट्रीय कोच ने कहा कि आधुनिक दौर में खो-खो में फिटनेस प्रशिक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। नियमित फिटनेस का अभ्यास खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से मजबूत और खेल के प्रति सक्रिय बनाए रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल में आधुनिक तकनीक का समावेश होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा और अधिक निखर सकती है।