एमबीपीजी कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आयोजित कार्यशाला से पूर्व अपनी प्रस्तुती देते मशहू
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के सभागार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस विषय पर कार्यशाला हुई। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सीडी सूंठा और प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि वक्ता गोविंद गुप्ता (डांटा साइंटिस्ट) ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंट और डांटा साइंस की ऑनलाइन वेबसाइट या प्लेटफार्म से छह माह या एक वर्ष के सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर लें तो छह से आठ लाख रुपये आमदनी की नौकरी आसानी से पा सकते हैं। उन्होंने डांटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम कर रहीं कंपनियों के जॉब प्रोफाइल की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के बारे में बताया।
प्रो. सूंठा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खूबियां और कमियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का प्रयोग सार्थक कार्य में किया जाए तो व्यक्तिगत और राष्ट्रहित में उपयोगी रहेगा।
प्राचार्य प्रो. एनएस बनकटी ने बताया कि 22 अक्तूबर को इस विषय पर छात्रवृत्ति परीक्षा होगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेखा जोशी ने किया। इस अवसर पर डाॅ. संजय कुमार, डॉ. गोविंद बोरा, डॉ. अमित सचदेव, डॉ. सुरेंद्र धपोला, डॉ. अंजू बिष्ट, डॉ. शैलजा जोशी, डॉ. कमला पंत, डॉ. अलका शर्मा, डॉ. आशा तिवारी, डॉ. नरेंद्र सिजवाली आदि मौजूद रहे। संवाद