नैनीताल। नगर के समीपवर्ती खूपी गांव में हुए भूस्खलन को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। भू-वैज्ञानिकों के सर्वे के बाद तात्कालिक सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। डीएम के निर्देश पर जल्द ही कुरिया गधेरे से सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे। वहीं विधायक की ओर से भी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री से आपदा के तहत बजट की मांग की जा चुकी है।
लगभग 14 वर्ष से खूपी गांव भूस्खलन का दर्द झेल रहा है। ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद भी आज तक शासन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई स्थायी उपाय नहीं किए गए जबकि गांव के एक ओर विधायक और दूसरी ओर ब्लॉक प्रमुख का आवास है। इसके बाद भी लगातार गांव की उपेक्षा की जा रही है।
इसके चलते आज तक खूपी के गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं, लेकिन भूस्खलन का दर्द झेल रहे खूपी गांव की सुरक्षा के लिए अब प्रशासन ने जिम्मा उठा लिया है। ग्रामीणों की ओर से गांव की सुरक्षा की मांग के बाद प्रशासन की ओर से गांव की सुरक्षा के तात्कालिक योजना बनाई जा चुकी है।
वहीं भू-वैज्ञानिकों के सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर व सिंचाई विभाग के विशेषज्ञों के निरीक्षण के बाद दीर्घकालीन योजना बनाई जा रही है। सिंचाई विभाग की ओर से गांव की तत्काल सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
प्रस्ताव के आधार पर विभाग की ओर से कुरिया गधेरे की ओर से हो रहे कटाव को रोकने के लिए दीवारें लगाई जाएंगी जिससे पहाड़ी के कटाव को तत्काल रोका जा सके।
डीएम वंदना सिंह ने बताया कि खूपी गांव के भू-वैज्ञानिक सर्वे में पाया गया है कि कुरिया गधेरे से गांव की तलहटी में कटाव हो रहा है जिससे गांव की भूमि में धंसाव हो रहा है। इसको रोकने के लिए तात्कालिक योजना बना दी गई है।
बताया कि सुरक्षा कार्यों के लिए बजट स्वीकृत होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि दीर्घकालीन सुरक्षा के लिए भी विशेषज्ञों की राय से डीपीआर तैयार की जा रही है। ताकि गांव को सुरक्षित किया जा सके।
ब्लाक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट का कहना है कि खूपी गांव में हो रहे भू्स्खलन को रोकने के लिए पूर्व में मनरेगा के तहत सुरक्षा के कार्य कराए गए थे। लेकिन गांव की सुरक्षा के लिए बड़े बजट की दरकार है। साथ ही जल्द से जल्द गांव की सुरक्षा के कार्य होने चाहिए।
विधायक, सरिता आर्या का कहना है वर्ष 2013-2024 में विधायक निधि व आपदा से गांव के नीचे गधेरे में चेकडैम बनाए गए थे, लेकिन बरसात में वह भी बह गए। इसके चलते खूपी गांव के साथ ही भूमियाधार व आलूखेत को भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सीएम से मुलाकात कर प्राथमिकता के साथ गांव की सुरक्षा के लिए आपदा के तहत बजट की मांग की गई है।