नेपाल के तलकोट, दांतवाला, जिला बंधामी से इलाज के लिए आए सात साल के इकेश को एसटीएच में आठ महीने पूरे हो गए हैं, पर उसकी हालत में कोई सुधार नहीं है। उसके हाथ और पैर की हड्डियां गल रही हैं। तकलीफ के कारण वह चल तक नहीं पाता। इकेश के पिता नैनीताल में कुली का काम करते हैं। उसके दादा होटल में बर्तन धोकर उसके लिए खाना लेकर आते थे।
इकेश के दादा हर सिंह ने बताया कि इलाज के आठ महीने बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं है। दो महीने में ही इलाज में 65 हजार रुपए खर्च हो गए। बाद में समाज सेवी गुंजन बिष्ट अरोड़ा के प्रयास से इकेश का इलाज मुफ्त हो रहा है। आठ माह से वह अपनी मां से नहीं मिला।
उसने बताया कि उसे मां की याद आती है। दादा हर सिंह ने जब उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उधार लेकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाने के लिए डॉक्टर से छुट्टी देने को कहा तो डॉक्टर ने कहा कि एक बार अगर छुट्टी दे दी तो दोबारा अस्पताल में भर्ती नहीं करेंगे।
जब डॉक्टर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं कहा है। कहा कि इकेश के ठीक होने की संभावना कम है। समाजसेवी गुंजन ने बताया कि उन्होंने इकेश के बारे में डॉ. से कई बार बात करने की कोशिश की, पर डॉक्टर साफ जवाब नहीं देते और न ही उसे छुट्टी दे रहे हैं।
कॉसट्यूमाइलाइसिस से ग्रस्त है इकेश
इकेश एसटीएच के एच वार्ड में भर्ती है। उसका केस ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शैलेंद्र सिंह भंडारी देख रहे है। डॉ. भंडारी ने बताया कि इकेश कॉसट्यूमाइलाइसिस नामक क्रॉनिक बीमारी से ग्रस्त है। इसमें हड्डी गलने लगती है। शरीर में पस भर जाता है। यह बीमारी ठीक होने में काफी समय लगता है। इलाज के बाद हड्डियां खुद ही दोबारा से बनती हैं।