हल्द्वानी। लॉकडॉउन के चलते तीन दिन में एक हजार क्विंटल आटे की बिक्री हो चुकी है और फ्लोर मिलों के पास कुछ ही दिनों का स्टॉक शेष है। इसकी वजह हरियाणा और यूपी से गेहूं न आ पाना बताया गया है।
उत्तराखंड मंडी परिषद के अध्यक्ष गजराज बिष्ट ने बुधवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की तथा समस्या का समाधान जल्द किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में संबधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने भरोसा दिया कि आटे का संकट किसी हाल में पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
कुमाऊं की सबसे बड़ी थोक मंडी हल्द्वानी के क्षेत्र में 25 फ्लोर मिल संचालित हो रही हैं। इन फ्लोर मिलों के अलावा रुद्रपुर की कुछ फ्लोर मिलों से हल्द्वानी थोक मंडी को आटे की आपूर्ति की जाती है।
यूपी, हरियाणा में भी लॉक डाउन होने की वजह से वहां से गेहूं की गाड़ियां नहीं आ पा रही हैं साथ ही रुद्रपुर में कुछ फ्लोर मिलें उनके कर्मचारियों को पास न मिलने के कारण चल नहीं पा रही हैं।
बुधवार को कुछ फ्लोर मिलों के संचालकों ने गेहूं न आने के कारण आटे की कमी होने की आशंका जताई। हालांकि उनके पास अभी 15 दिनों का स्टॉक तो है लेकिन वर्तमान दिक्कतों को जल्द दूर नहीं किया गया तो आटे का संकट आ सकता है। फ्लोर मिल संचालकों द्वारा दूसरे राज्यों से गेहूं की गाड़ियों को प्रदेश में आने की सुविधा प्रदान किए जाने को कहा है।
जारी होंगे वाहन पास
हल्द्वानी मंडी समिति के अध्यक्ष मनोज साह ने बताया कि स्थानीय थोक मंडी से कुमाऊं भर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाती है इसे देखते हुए मंडी प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े कारोबारियों और उनके वाहनों को पास जारी करने का निर्णय लिया है।