रामनगर। बाज़ार में क्रेता सर्वोपरि है, क्योंकि यदि खरीदार ही न हो तो विक्रेता के अस्तित्व का कोई अर्थ नहीं रह जाता। यह बात प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बृहस्पतिवार को आमडंडा डिपो में आयोजित ''''क्रेता-विक्रेता सम्मेलन'''' के दौरान कही। वन निगम और व्यापारियों के बीच की दूरियों को खत्म करने के उद्देश्य से आयोजित इस संवाद में मंत्री ने स्पष्ट किया कि आपसी सौहार्द से न केवल व्यापारिक दूरियां मिटेंगी बल्कि वन निगम की आय में भी वृद्धि दर्ज की जाएगी।
वन निगम के 25 वर्ष पूरे होने पर बृहस्पतिवार को रामनगर के आमडंडा डिपो में राज्य स्तरीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें क्रेता और विक्रेताओं के बीच बेहतर व्यापार करने पर मंथन किया गया। कार्यक्रम में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन निगम की आय को बढ़ाने के लिए आम आदमी की आजीविका से वनों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में जड़ी बूटियों को दुनिया भर में कैसे निर्यात करें, इसे लेकर वन पंचायतों के माध्यम से 628 करोड़ रुपये से हर्बल मिशन योजना शुरू की है। इस योजना में वन पंचायतों के साथ वन निगम को जोड़कर जड़ी बूटियों के निर्यात को बढ़ाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण अच्छे व्यवहार की जरूरत होती है। सम्मेलन से निगम और क्रेताओं के संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने सभी डिपो के उच्चीकरण और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले लगाने की बात कही। इसमें लॉट की जानकारी के साथ ही ग्रैबियन सेल बनाया जाएगा। क्रेता अपनी शिकायतें और सुझाव दे सकेंगे। अंकिता भंडारी मामले में उन्होंने कहा कि सरकार मामले की सीबीआई जांच करा रही है, विपक्ष मामले में राजनीति न करे। इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट, प्रबंधक निदेशक मीना गिरेवाल, महाप्रबंधक कुमाऊ तेजस्विनी पटेल, महाप्रबंधक गढ़वाल धीरज पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक महेश आर्य, मयंक शेखर, हरीश पाल आदि मौजूद रहे।
वन निगम के क्रेताओं ने कार्यक्रम में दिए सुझाव
वन निगम के क्रेताओं ने कहा कि निगम में क्रेताओं की मांग के हिसाब से 50 फीसदी खैर कम मात्रा में है। उन्होंने खैर प्रकोष्ठ को बढ़ाने के सुझाव दिए। माल ढुलान का खर्च कम करने व आरक्षित और संरक्षित क्षेत्र से प्राप्त उपज से मंडी टैक्स हटाने के सुझाव दिए।
फोटो 29 जनवरी 01- रामनगर के आमडंडा डिपो में आयोजित कार्यक्रम में संबोधन करते वन मंत्री।
फोटो 29 जनवरी 02- रामनगर के आमडंडा डिपो में आयोजित कार्यक्रम में बैठे वन मंत्री।