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सरकारी नुमाइंदे भूले तो सड़कें बनाने में जुटे ग्रामीण

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भीमताल (नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की जर्जर सड़कों पर यात्री जान हथेली में रखकर सफर करने को मजबूर है। विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी जब समस्या की अनदेखी की गई तो ग्रामीण खुद ही सड़क बनाने में जुट गए।
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बुधवार को पूर्व जिपं सदस्य गोपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धारी से कसियालेख मार्ग में जगह-जगह हुए गड्ढों में मिट्टी और पत्थर डालकर समतल किया। बिष्ट ने बताया कि नौ किमी इस सड़क पर 2012-13 में डामरीकरण हुआ था लेकिन अब सड़क जर्जर अवस्था में है। कहा कि ग्रामीण अधिकारियों और विधायक को भी समस्या बता चुके हैं। बिष्ट ने कहा कि जल्द सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों के आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
श्रमदान से अघरिया के ग्रामीण बना रहे सड़क
धानाचूली/भवाली (नैनीताल)। धारी ब्लॉक की ग्राम सभा अघरिया के तोक ग्वालाकोट से मजेला सैम मंदिर तक करीब 25 ग्रामीण सड़क बनाने में जुट गए हैं। इसमें 200 परिवारों को लाभ मिलेगा।
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बता दें कि दो वर्ष पूर्व विधायक राम सिंह कैड़ा ने अपनी निधि से इस सड़क का कार्य शुरू कराया था। लेकिन कार्य पूरा नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को विधायक ने जेसीबी भेजकर उनकी मदद की है। इस दौरान प्रधान रेखा आर्या, उप प्रधान पंकज कुमार, समाजसेवी अजय कुमार, गोकुल कुमार, मनोज कुमार, मनीष कुमार, सचिन कुमार, राजेंद्र प्रसाद, विपिन चंद्र, मनोज कुमार, दीप चंद्र, दया किशन आदि मौजूद रहे।
इधर, भीमताल रोड स्थित फरसौली के युवाओं ने भी श्रमदान से सड़क के गड्ढे भरे। उन्होंने बताया कि जगह-जगह गड्ढे होने से दुघर्टनाओं का भय बना हुआ है लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। इस दौरान दौलत सिंह, यश भगत, अनुराग जोशी, अमित रावत, दयाकिशन पांडे, हरीश चंद्र, हिमांशु भट्ट मौजूद रहे।
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