बरेली रोड के गोरापड़ाव स्थित गैराज में पार्टी के दौरान पहुंचकर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले आठ आरोपियों की अब पूरी पहचान पुलिस के नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) पर अपलोड कर दी गई है। सोमवार को जेल में बंद आरोपियों को कोतवाली लाकर इस प्रक्रिय को पूरा कराया गया। इस दौरान आरोपियों के फिंगर प्रिंट, रेटिना, चेहरा और शरीर के निशान तक की जानकारी अपलोड कराई गई। अब देशभर में कहीं भी किसी भी वारदात में शामिल होने पर आरोपियों की तुरंत पहचान हो सकेगी।
गोरापड़ाव निवासी नारायण दास के गैराज पर 19 अगस्त की रात 10-12 नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने डकैती डाली। वे करीब 8 लाख रुपये और 12 मोबाइल व सोने की तीन चेन लूटकर भाग गए थे। पुलिस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि जेल से अलग-अलग दिन पर सभी आरोपियों को कोतवाली लाया गया। यहां सभी पहचान संबंधी जानकारी पुलिस ने एनएएफआईएस पोर्टल पर अपलोड कराई और उसके बाद आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया।
ये हो चुके हैं गिरफ्तार
रामपुर निवासी साहब सिंह उर्फ साबी, गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी, ऊधमसिंह नगर के किच्छा निवासी यश सिडाना, नई दिल्ली के जैतपुर निवासी अमनदीप सिंह, पीलीभीत के अमरिया निवासी शिवराज सिंह, अफजल मलिक, सितारगंज के वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू, बरेली के शीषगढ़ निवासी रखवीर सिंह को पुलिस ने डकैती मामले में गिरफ्तार किया है।