बरसात में शहरवासियों के लिए तबाही बनकर आने वाले रकसिया नाले की मरम्मत का काम इस साल भी बरसात से पहले पूरा होगा या नहीं इस पर संदेह बना हुआ है।
रकसिया नाले की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम बरसात से पहले नहीं हुआ तो क्षेत्रवासियों को फिर संकट से जूझना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग को नाले की मरम्मत के लिए पैसे की दरकार है। धनाभाव के कारण नाले की मरम्मत का काम लटक गया है।
दमुवाढूंगा से पीलीकोठी, बिठौरिया, छड़ायल नयाबाद होते हुए प्रेमपुर लोसज्ञानी तक नाले से पिछले सालों में भारी तबाही होती आई है। नाले से कई लोगों को मकान टूट चुके हैं। कई एकड़ जमीन बह गई है।
सिंचाई और पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुईं, मगर इस मामले को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया। नाले से सबसे अधिक तबाही प्रेमपुर लोसज्ञानी इलाके में होती है। तबाही की सबसे बड़ी वजह इसकी निकासी नहीं होना है।
रकसिया नाले की मरम्मत को लेकर सिंचाई विभाग के ईई तारादत्त कांडपाल का कहना है कि नाले की 7 किमी तक मरम्मत की जानी है। इसके अलावा नाले की निकासी भाखड़ा नाले में की जानी है। अब तक विभाग 3.5 किमी नाले की मरम्मत करा पाया है।
अब नाले की मरम्मत में धन की कमी आड़े आ रही है। अभी 3.5 किमी मरम्मत कार्य किया जाना है। निकासी का प्रस्ताव भी भेजा है जो शासन में लंबित है। उन्होंने बताया कि नाले की मरम्मत के लिए पैसा आते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।