हल्द्वानी। आलस्य भरी जीवनशैली हाइपरटेंशन, स्ट्रोक और किडनी रोगाें को जन्म दे रही है। शहर के अस्पतालों की ओपीडी में हर दिन 50 से 60 मरीज हाइपरटेंशन से ग्रसित पहुंचते हैं। कभी-कभी इनकी संख्या 100 से अधिक हो जाती है। महीने भर में अस्पतालों में इसका आंकड़ा दो हजार से ऊपर पहुंच रहा है। इसलिए शुुरुआती लक्षण दिखते ही सचेत हो जाएं।
उच्च रक्तचाप को ही हाइपरटेंशन कहा जाता है। इस रोग से कैसे बचा जा सकता है ये जानने से पहले इसके कारणों को जानना जरूरी है। खराब लाइफस्टाइल और डाइट पर ध्यान नहीं देने वाले लोग अक्सर इससे जूझते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार अधिक धूम्रपान, शराब का सेवन, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल और शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, उम्रदराज लोगों के अलावा अब युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा सेहत की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जंक फूड और बाहर का खाना भी इसके लिए जिम्मेदार है। जिसके चलते युवा भी हाइपरटेंशन की चपेट में आ रहे हैं।
हाईपरटेंशन की दो स्टेज
हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोग सिरदर्द, सांस फूलना और नाक से खून निकलना जैसे लक्षणों से पीड़ित रहते हैं। हालांकि अधिकतर लोगों में ये लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।
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पहली स्टेज में
हाइपरटेंशन से जूझ रहे लोगों की जांच के दौरान ऊपर की रीडिंग 130-139 एमएम एचजी के बीच होती है और निचली रीडिंग 90 एमएम एचजी या उससे ज्यादा होती है।
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दूसरी स्टेज में
हाइपरटेंशन की दूसरी स्टेज में ऊपर की रीडिंग 140 एमएम एचजी से ऊपर होती है जबकि निचली रीडिंग 90 एमएम एचजी या उससे ऊपर हो जाती है।
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ऐसे करें बचाव
दिनचर्या को व्यवस्थित रखें।
सुबह जल्दी उठकर वॉक पर जाएं।
ध्यान और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
खाने में पौष्टिक आहार शामिल करें।
जंक फूड और बाहर बने खाने से बचें।
तेज नमक और मसालेदार भोजन से बचें।
लक्षण सामने आने पर डाॅक्टर से सलाह लें।
डाॅक्टर के बताए अनुसार दवा समय पर लें।
कोट - खराब जीवनशैली के कारण लोग हाइपरटेंशन की चपेट में आते हैं। इसका इलाज करने के लिए समय पर जांच होनी जरूरी है। चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाइयां लेनी चाहिए। हर दिन सामने आ रहे मामलों में उम्रदराज लोगों के साथ युवा भी शामिल हैं। 30 से 40 साल के युवाओं को अपनी दिनचर्या में सुधार लाना चाहिए।
- डाॅ. विवेकानंद सत्यावली, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी।
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अस्पतालों में हर दिन ओपीडी में 50 से 60 मरीज हाइपरटेंशन के आते हैं। 40 से 50 साल के लोगों में अधिकतर ये मामले सामने आते हैं। तनाव और खराब लाइफ स्टाइल के साथ ही जंक फूड में मिली अधिक नमक की मात्रा इसके लिए जिम्मेदार है। मरीजों को समय पर दवा और खाने का विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
-डॉ. विनीता निखुर्पा, जनरल फिजीशियन, बेस अस्पताल हल्द्वानी।