हल्द्वानी। मेरठ से पहुंचे शिकारियों ने वन विभाग के साथ छह घंटे फतेहपुर रेंज के जंगलों में गश्त की है। इस दौरान वन विभाग की टीम और शिकारियों को जंगल में तेंदुए के पंजे के निशान (पग मार्क) नहीं मिले हैं। उधर, वन विभाग की टीम ने शिकारियों की सलाह के बाद आठ कैमरा ट्रैप का स्थान बदला है। इन कैमरा ट्रैप में तेंदुए की फोटो नहीं आई है।
बृहस्पतिवार रात मेरठ के शिकारी सैय्यद अली बिन हादी अपने तीन साथियों के साथ फतेहपुर रेंज पहुंचे। सुबह पांच बजे से 11 बजे तक वन विभाग और शिकारियों की टीम ने कांबिंग की। टीम ने नदी क्षेत्र में भी तेंदुए की तलाश की, लेकिन, पता नहीं चल सका है।
वन क्षेत्राधिकारी केआर आर्या ने बताया कि इलाके में कैमरा ट्रैप लगाने के साथ ही दो पिंजरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुए की फोटो कैमरा ट्रैप में कैप्चर नहीं हुई है। पिंजरे में भी तेंदुआ नहीं आया है। इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से गश्त की जा रही है। वहीं, बाद में शिकारियों की सलाह के बाद वन विभाग की टीम ने कैमरा ट्रैप का स्थान बदला है।
पिछले माह ही पिथौरागढ़ में मार चुके हैं तेंदुआ
शिकारी सैय्यद अली बिन हादी शूटिंग में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 2014 में बिजनौर में आदमखोर बाघिन को ट्रैप किया था। उनके पास अमेरिकन कैलिबर राइफल है। इसकी मारक क्षमता एक किमी है। 30 सितंबर को उन्होंने पिथौरागढ़ में एक आदमखोर तेंदुए को मारा था।