हाईकोर्ट ने मानवाधिकार आयोग के भीतर तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति बैक डोर से किए जाने के मामले में मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन को छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता व अन्य को सुनकर आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि मानवाधिकार आयोग में तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियां बैक डोर से की जा रही हैं।
पूर्व में कोर्ट ने इस प्रकार की भर्ती में शामिल लोगों को वेतन न देने के निर्देश देते हुए नियमानुसार भर्ती करने के निर्देश दिए थे। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन को छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता व अन्य को सुनकर निर्णय लेने के निर्देश दिए।