नैनीताल। तल्लीताल क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम दो मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि मकान में मौजूद परिवार ने बाहर निकलकर खुद को बचाया। हालांकि आग में कमरा और वहां रखा सामान जल गया। पुलिस, स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शाम सवा सात बजे तल्लीताल सिटीजन होटल के पीछे धोबीघाट कलेक्ट्रेट परिसर में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत राजकुमार अपने परिवार के साथ मौजूद थे। इसी दौरान ऊपर के कमरे से कुछ जलने की महक आई। इससे पहले वह कुछ समझ पाते टिन और फाइबर से बने कमरे में आग लग गई। इस पर वह बाहर भाग गए। इसी दौरान वहां भीड़ जमा हो गई और आग ने विकराल रूप ले लिया। लोगों ने पुलिस, दमकल को सूचना दी और बाल्टियों से आग पर पानी डालने लगे।
मौके पर पहुंची तल्लीताल पुलिस ने लोगों को शांत किया और एसओ रमेश बोरा, एसआई सतीश उपाध्याय, एसआई सुनील कुमार, चीता कांस्टेबल अमित गहलोत व राहुल कुमार ने मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद दमकल की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दो फायर टेंडरों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान दमकल वाहन खड़े होने से कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई।
तल्लीताल एसओ रमेश बोरा ने बताया कि आग बुझाने में पुलिस, एलएसएन हरनाम सिंह समेत दमकल कर्मी और 50 से अधिक स्थानीय लोगों ने मिलकर सहयोग किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग से कमरे में रखा फर्नीचर, एलईडी, कपड़े व जेवर जल गए। उन्होंने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
400 मीटर दूर फायर हाइड्रेंट से नहीं निकला पानी
घर में आग लगने के दौरान दमकल की टीम ने दो फायर टेंडरों की मदद से पानी छोड़ा लेकिन पानी खत्म होने के बाद जब दमकल टीम ने 400 मीटर दूर थाने के पास फायर हाइड्रेंट पर पाइप लगाने पहुंची तो वहां भी पानी नहीं मिल पाया। दमकल कर्मियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर में फायर हाइड्रेंट में 24 घंटे पानी उपलब्ध होना चाहिए। हालांकि सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर जलसंस्थान की टीम ने व्यवस्था बनाई। इस क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व टैंट हाउस भी जल गया था।
आलूखेत और खूपी गांव के जंगल में लगी आग
नैनीताल। आलूखेत और खूपी गांव के बीच शुक्रवार को अराजक तत्वों ने आग लगा दी। जंगल में आग लगने का लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। देर तक विभाग की टीम नहीं पहुंचने और आग आवासीय क्षेत्र की ओर बढ़ने पर लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया है। जंगल में आग लगाने वालों का पता लगाया जा रहा है।