हल्द्वानी। अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति के तहत आवेदनों का सत्यापन नहीं होने से वर्ष 2019-20 के लिए पोर्टल नहीं खुल पाया है। इस कारण छात्र-छात्राएं आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। बिना आवेदन किए छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा और छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। अब तक 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का सत्यापन ही नहीं हो पाया है।
समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला खुलने के बाद सत्यापन को लेकर खासी सख्ती बरती जा रही है। खास बात यह है कि कुमाऊं के अगर किसी जिले का छात्र देहरादून या हरिद्वार में पढ़ रहा है तो मूल जिले से सत्यापन होने के साथ ही उसी जिले से उसके खाते में रकम डाली जाएगी।
जिलाधिकारियों के माध्यम से सत्यापन कराया जाना है। समाज कल्याण निदेशक की ओर से दोनों मंडलायुक्त को पत्र लिखकर सत्यापन पूर्ण कराने में सहयोग करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि घोटाले का खुलासा होने के बाद से सत्यापन को लेकर सभी के हाथ पांव फूल रहे हैं।
==
जिला सत्यापन के लिए कुल आवेदन जिले स्तर पर हुए सत्यापन
पौड़ी 1387 1199
टिहरी 1788 1265
चमोली 1504 1397
रुद्रप्रयाग 1009 761
उत्तरकाशी 1945 1559
देहरादून 2994 2154
हरिद्वार 14375 6759
नैनीताल 3661 3055
अल्मोड़ा 4125 3593
पिथौरागढ़ 2236 1829
बागेश्वर 1875 1635
चंपावत 1064 1019
ऊधमसिंह नगर 4597 3947
योग :: 42560 30262
सत्यापन का काम चल रहा है। सत्यापन कार्य पूर्ण होते ही वर्ष 2019-20 के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। मानकों के अनुसार ही सत्यापन कराया जा रहा है। -विनोद गिरी गोस्वामी, समाज कल्याण निदेशक