How long roadways employees will drive for free: High Court
नैनीताल। सरकार और परिवहन निगम की ओर से रोडवेज कर्मचारियों को वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं न देने तथा इनके लिए हड़ताल करने पर एस्मा लगाने पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी कब तक मुफ्त में गाड़ी चलाएंगे। कोर्ट ने कहा यह कैसे ठीक है कि वेतन भी न दो और एस्मा भी लगाओ।
इस दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रोडवेज की 68 लाख रुपये की देनेदारी बाकी है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह मंगलवार तक इस संबंध में अपना जवाब दाखिल करे। मामले की सुनवाई मंगलवार यानी 22 अक्तूबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रोडवेज कर्मचारी संघ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर का कहा था कि सरकार उन्हें समय पर वेतन और अन्य भुगतान नहीं कर रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारी देयकों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। सरकार और निगम प्रशासन के साथ आंदोलन के बाद हुए समझौते पर अमल नहीं हो रहा है। सरकार को शांतिपूर्वक आंदोलन का नोटिस दिया गया लेकिन सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने की चेतावनी दे रही है जो नियम विरुद्ध है।
निगम का प्रदेश सरकार पर लाखों का बकाया है। प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के पास लंबित भुगतान भी नहीं ले पा रही है। पूर्व सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को निगम कर्मचारियों के तीन माह से रुके वेतन के लिए 12 करोड़ रुपये अवमुक्त करने का आदेश दिया था। याचिका में कहा गया कि 26 सितंबर को सुनवाई के बाद इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। इसके बाद सरकार की ओर से बजट जारी होने पर कर्मचारियों को जुलाई-अगस्त का वेतन दिया गया है लेकिन सितंबर का वेतन नहीं मिला है।