धानाचूली। नैनीताल के धारी क्षेत्र में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत से होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट संचालक मुश्किल में हैं। पर्यटन सीजन की शुरुआत के बीच गैस आपूर्ति ठप होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। 15 अप्रैल से होटलों में ठहरना और खाना महंगा हो जाएगा।
क्षेत्र में करीब दो सौ से अधिक होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट हैं। उत्तराखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सलाहकार प्रवीण शर्मा ने बताया कि गैस संकट के कारण संचालक लकड़ी या इंडक्शन पर खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। लगातार बारिश से लकड़ी भीगी है और बिजली आपूर्ति भी सुचारु नहीं है जिससे इंडक्शन का उपयोग भी कठिन है। कई जगहों पर जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है जिससे खर्च बढ़ गया है। 15 अप्रैल के बाद पर्यटकों की जेब पर भी असर पड़ेगा।
15 अप्रैल से एक मई के बीच होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट में कमरों और भोजन के रेट रिवाइज किए जाएंगे। बढ़ती लागत को देखते हुए किराये में पांच से दस फीसदी बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। कुकिंग गैस की शॉर्टेज का कोई भी असर सर्विस पर नहीं पड़ने दिया जा रहा है।
संदीप साहनी, अध्यक्ष, उत्तराखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन