हल्द्वानी। होली पर्व की तिथियां और होलिका दहन के समय पर ज्योतिषियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस बार पूरे देश में चार मार्च को मनाई जा रही है। फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति होने के कारण होलिका दहन के समय में इस बार बदलाव हुआ है। बुद्धि बल्लभ पंचांग के संपादक ज्योतिषाचार्य आचार्य पवन पाठक के अनुसार इस वर्ष चंद्रग्रहण होने के कारण ग्रहण नियम लागू होंगे। शास्त्रानुसार यदि अगले दिन ग्रस्तोदय ग्रहण हो तो पूर्व दिवस में भद्रा त्यागकर रात्रि के चतुर्थ याम में होलिका दहन करना चाहिए। इसी आधार पर दो मार्च की देर रात से अगले दिन सुबह साढ़े छह बजे तक का समय दहन के लिए सबसे श्रेष्ठ और मंगलकारी है। उन्होंने कहा कि मुहूर्त सुविधानुसार नहीं बल्कि शास्त्रानुसार होने चाहिए तभी फल की सिद्धि होती है।