नैनीताल। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और उत्तराखंड पर्यटन के सहयोग से आयोजित हिमालयन इकोज साहित्य और कला महोत्सव के नवें संस्करण का शनिवार को शुभारंभ हुआ। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों के प्रतिष्ठित लेखकों के साथ ही इंग्लैंड, नेपाल व भूटान के लेखकों ने प्रतिभाग कर साहित्य पर चर्चा की। इस दौरान भूटान से आए कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान हिमालयी इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक की पुस्तक गंगोत्री से कालिंदीखाल और बदरीनाथ की यात्रा का विमोचन भी किया गया।
मल्लीताल स्थित प्रसादा भवन में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में पद्मश्री अनूप साह ने हर 10 वर्ष में किए जाने वाले कठिन ट्रैकिंग के अनुभव साझा किए। प्रो. शेखर पाठक ने कहा कि हिमालयन इकोज मनुष्यों को साहित्य और प्रकृति से जोड़ता है। उन्होंने साझा संस्कृति और मौखिक परंपराओं की एक साझा विरासत पर केंद्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने विकास के अस्पष्ट विचारों आदि से क्षेत्र को हो रहे नुकसान के बारे में भी बताया।
रोहिणी राणा ने नेपाल के शाही व्यंजन समेत अन्य स्थानों पर मौजूद जातियों की ओर बनाए जाने वाले व्यंजनों की जानकारी दी। नमिता गोखले ने युवा लेखिका के रूप में अपने अनुभव बताए। प्रिया कपूर ने प्रकाशन उद्योग के बारे में बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन व विकास के बारे में जानकारी दी। लेखक और फिल्म निर्माता रूडी सिंह ने मनुष्य के भीतर के बच्चे की रचनात्मकता के बारे में चर्चा की। इससे पूर्व संस्थापक और महोत्सव निदेशक जाह्नवी प्रसाद और महोत्सव संरक्षक नमिता गोखले ने अतिथियों का स्वागत किया।
इसके बाद पेमा समद्रुप और कर्मा सोनम देमथ के भूटान के लोकनृत्य का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में इंग्लैड से आईं ऐमा होर्ने, भूटान से आए पेमा सम्द्रुप, कर्मा सोनम, नेपाल से आई रोहिणी राणा समेत अनीस दयाल, अंजू खन्ना, अंजलि, अम्ब्रीन खान, चेतन महाजन, जेनिफर नंदी, मयूर शर्मा, निहा क्लेर, प्रिया कपूर, रक्षंदा जलाल, रूडी सिंह, सौरभ कृपाल, संजीव शाक्य आदि थे।