हल्द्वानी। किडनी और शुगर रोग में कारगर बताये जा रहे कासनी की डिमांड बनी हुई है। हजारों पौधों को वन विभाग बांट चुका है, इसके बाद भी लोग रोग ठीक होने की उम्मीद से वन विभाग की नर्सरी में पहुंच रहे हैं। इस पौधे के लिए सबसे ज्यादा दिल्ली के लोग पहुंच रहे हैं।
शुगर और किडनी रोगियों की संख्या बढ़ी है। लोग इलाज कराने के साथ आयुर्वेद आदि में भी रोग ठीक होने की संभावना तलाश रहे हैं। फारेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में स्थित वन अनुसंधान की नर्सरी में कासनी का पौधा तैयार किया जा रहा है।
इसके बारे में दावा और रोगियों के अनुभव के आधार पर कहा जा रहा है कि यह किडनी रोग और शुगर कंट्रोल करने में कारगर है। वन अनुसंधान नर्सरी प्रभारी मदन बिष्ट कहते हैं कि करीब 30 हजार कासनी के पौध बांटे जा चुके हैं। जिन लोगों ने इस्तेमाल किया है, उनमें यह फायदेमंद साबित हुआ है।
उनके अनुभव को भी दर्ज किया जा रहा है। बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार हरियाणा से लेकर पश्चिम के देशों तक से लोग पौधे लेने से लेकर जानकारी मांग रहे हैं। सबसे ज्यादा डिमांड दिल्ली के लोगों की है। करीब दो हजार पौधे दिल्ली के लोगों को दिये जा चुका है। दिल्ली से लोग शताब्दी ट्रेन से हल्द्वानी आते हैं, फिर पौधे लेकर उसी दिन वापस लौट जाते हैं। कासनी की डिमांड बनी हुई है।