नैनीताल। हाईकोर्ट ने रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के सहायक अध्यापकों से अतिरिक्त वेतन की वसूली पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार राधे लाल, विक्रम लाल भारती, शूरवीर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि याचिकाकर्ता रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे। निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने पर उन्हें उच्चीकृत यानी जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नत किया गया। शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समिति ने 9 फरवरी 2018 को वेतन के पुनर्निर्धारण का निर्णय लिया। इसी आधार पर 28 अप्रैल 2018 को आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं और उनके जैसे अन्य कर्मचारियों को दिए गए अतिरिक्त भुगतान की वसूली सुनिश्चित की जाए। आदेश में कहा गया कि पदोन्नति का लाभ एक अप्रैल 2009 से देय था, जबकि भुगतान इससे पहले की तिथि से हो गया। याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को रद्द करने के लिए मांग की थी।याचिका में कहा कि भुगतान उनकी वास्तविक पदोन्नति की तिथि से ही किया गया था, इसलिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं हुआ है। सरकार की तरफ से कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा, रुद्रप्रयाग ने बताया कि वेतनमान के गलत निर्धारण के कारण याचिकाकर्ताओं को अधिक भुगतान मिल रहा है, पर अभी तक कोई वसूली शुरू नहीं हुई है।