आपदा राशि को पीड़ितों को न बांटकर अन्य लोगों को देने के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम हरिद्वार को प्रकरण में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई।
हरिद्वार निवासी अनिल वर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2010-11 में हरिद्वार में आपदा आई थी। इसमें कई घर तबाह हो गए थे। इस प्रकरण पर राजस्व विभाग की टीम ने लगभग 882 लोगों की सूची राज्य सरकार को सौंपी थी। इसमें मुआवजे के रूप में दो हजार रुपए प्रति व्यक्ति वितरण दर्शाया गया था ।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि वह धनराशि बिना व्यक्तियों की पहचान के आवंटित की गई। यह राशि उन व्यक्तियों को दी गई, जो हरिद्वार में हैं ही नहीं। पूर्व में हाईकोर्ट ने इस प्रकरण पर सीबीसीआईडी जांच के आदेश दिए थे। जांच में सीबीसीआईडी ने लगभग साढ़े चार सौ ऐसे लोगों की सूची दी है, जिसमें उनकी दस्तावेजों से पहचान नहीं हो सकती है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डीएम हरिद्वार को मामले में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।