नैनीतल। हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को आयुर्वेद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में हुई।
विनोद कुमार चौहान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कहा है कि आयुर्वेद विवि के वाइस चांसलर डॉ. सुनील जोशी की नियुक्ति कमेटी ने नियमों को ताक में रखकर की है। उनकी नियुक्ति अवैध है लिहाजा उन्हें पद से हटाया जाए। विवि कुलपति इस पद के लिए जरूरी अर्हता पूरी नहीं करते हैं।
नियमावली के अनुसार वीसी पद के लिए 10 साल बतौर प्रोफेसर का अनुभव अनिवार्य है। लेकिन चयन कमेटी ने उन्हें पांच साल एक माह की प्रोफेसरशिप के भीतर ही आयुर्वेद विवि का वीसी नियुक्त कर दिया है। याचिकाकर्ता ने नियमों के क्रम में उन्हें पद से हटाए जाने की मांग की है।