पिछले दो साल से अध्यापक पात्रता परीक्षा न कराने के मामले में हाईकोर्ट ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड और सरकार से तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। इस परीक्षा का इंतजार लंबे समय से प्रदेश में करीब एक लाख युवा कर रहे हैं।
हरिद्वार निवासी अमित कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड एजूकेशन बोर्ड ने पिछले दो वर्षों से अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नहीं कराई है। इससे प्रदेश के युवा प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसे करीब एक लाख युवा प्रदेश में होंगे जो टीईटी का इंतजार कर रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने पात्रता परीक्षा कराने के लिए चार मार्च 2016 को विज्ञापन भी जारी किया था। इसके बावजूद बोर्ड ने परीक्षा नहीं कराई है।
मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के बाद सरकार और उत्तराखंड एजूकेशन बोर्ड को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिया।
माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद सरकार और ऐजुकेशन बोर्ड पर भी दबाव बढ़ेगा। बताया जा रहा है कि मानकों के मुताबिक अध्यापक पात्रता परीक्षा हर छह माह में आयोजित की जानी चाहिये।
इसी को आधार बनाते हुये हरिद्वार से अमित कुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।