नैनीताल। हाईकोर्ट ने रानीबाग से नैनीताल के लिए प्रस्तावित रोपवे निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग की ओर से पेश शपथपत्र में कहा गया है कि रोपवे बनाने का यह पहला सर्वे है और रोपवे कहीं भी बनाए जा सकते हैं। इनके निर्माण से किसी भी तरह का खतरा होने की आशंका नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नैनीताल निवासी पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड और राज्य सरकार की ओर से रानीबाग से नैनीताल के लिए रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। रोपवे के लिए निहाल नाले और बलियानाले के मध्य मनोरापीक पर निर्माण कार्य होना है।
याचिका में कहा गया कि ये दोनों नाले भूगर्भीय रिपोर्ट के आधार पर अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। पूर्व में भी हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने पूर्व में उनकी जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए टूरिज्म डेवलमेंट बोर्ड एवं राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार के जवाब नहीं दिया। सरकार के अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा।