हल्द्वानी। फिल्म स्पेशल 26 की पटकथा में फर्जी अफसर बनकर छापे मारने वाले गिरोह की तरह ही हल्द्वानी में अपराधियों ने डकैती को अंजाम दिया। गोरापड़ाव स्थित एक गैराज में बुधवार देर रात दो गाड़ियों से पहुंचे 10-12 बदमाशों ने खुद को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बताया और वहां मौजूद लोगों पर दो नाली बंदूकें तान दीं। खौफ के बीच बदमाश करीब आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और तीन लोगों के गले से सोने की चेन लूटकर चंपत हो गए।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। पुलिस ने गैराज मालिक तीनपानी के अंबा विहार निवासी नारायण दास की तहरीर पर डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
दो गाड़ियों में आई नकली पुलिस
गैराज के स्वामी नारायण दास के मुताबिक बुधवार देर रात वह गैराज में छह-सात साथियों के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान दो गाड़ियां गैराज के बाहर आकर रुकीं। उनमें से करीब 10-12 लोग उतरे। सभी के हाथों में हथियार थे और उन्होंने खुद को एसओजी का अधिकारी बताते हुए मौजूद लोगों पर बंदूकें तान दीं। अचानक हथियारों के साये में घिरे लोगों ने विरोध करने के बजाय हाथ ऊपर कर दिए। इसी दौरान बदमाशों ने गैराज और कार्यालय में रखी करीब आठ लाख रुपये की नकदी कब्जे में ले ली। इसके बाद वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए। तीन लोगों के गले में पड़ी सोने की चेन भी उतरवा ली गईं।
डीवीआर भी साथ ले गए
बदमाशों ने वारदात के बाद वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने कब्जे में ले लिया ताकि उनके आने-जाने और वारदात की तस्वीरें पुलिस के हाथ न लगें। हालांकि पुलिस की जांच में आसपास लगे अन्य कैमरों से आरोपियों की गाड़ियों की गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार दोनों गाड़ियां किच्छा की ओर जाती दिखाई दी हैं। दरऊ चौकी क्षेत्र तक कैमरों में उनका मूवमेंट ट्रेस हुआ है। इनमें एक गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी जबकि दूसरी बिना नंबर प्लेट के थी।
चेहरे ढके, बोली में पंजाबी-हरियाणवी लहजा
पीड़ितों से पूछताछ में पुलिस को आरोपियों के बारे में कुछ खास पता नहीं चल पाया। नारायण दास के अनुसार सभी बदमाशों ने सफेद रंग के कपड़े से चेहरे ढक रखे थे। उनकी सिर्फ आंखें दिखाई दे रही थीं। बातचीत के दौरान उनकी भाषा में पंजाबी और हरियाणवी लहजे की झलक सुनाई दी। इस आधार पर पुलिस को आशंका है कि गिरोह दूसरे राज्य का हो सकता है। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही उनके बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
मुखबिरी का शक, जुए में हारने वाला भी हो सकता है शामिल
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि बदमाशों को गैराज में मौजूद नकदी और वहां मौजूद लोगों की जानकारी कैसे मिली क्योंकि दोनों गाड़ियां सीधे गैराज पर पहुंचीं और बदमाशों ने बिना समय गंवाए नकदी और अन्य सामान को निशाना बनाया। जांच में मुखबिरी का एंगल भी सामने आया है। पुलिस को शक है कि गैराज में मौजूद किसी व्यक्ति के परिचित ने बदमाशों को अंदर की जानकारी दी हो। इसके अलावा जुए में हार-जीत से जुड़ी रंजिश के एंगल की भी जांच की जा रही है।
पार्टी या जुए का अड्डा
पुलिस रिकॉर्ड में घटना के समय गैराज में पार्टी होने की बात सामने आई है लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार गैराज में बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने की भी जानकारी मिली है। पूछताछ के दौरान पीड़ित जुए की बात स्वीकार करने से बचते नजर आए। यही वजह है कि पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय गैराज में वास्तव में क्या गतिविधि चल रही थी और इतनी बड़ी रकम वहां क्यों रखी गई थी।
एसपी सिटी और सीओ सिटी की निगरानी में पुलिस अधिकारी समेत 40 से अधिक कर्मियों की विशेष टीम बनाई गई है। इसमें कई थाना प्रभारी, साइबर टीम और अपराध जांच विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। मौके का निरीक्षण किया गया है। क्राइम सीन की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामला का खुलासा किया जाएगा। डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी नैनीताल