हल्द्वानी। युवाओं की सरकारी नौकरी की आस पर सरकारी लेटलतीफी भारी पड़ने लगी है। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा की बात करें तो करीब चार साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आवेदन करने वाले युवाओं का भविष्य अधर में है। इन युवाओं की उम्र भी निकलती जा रही है। इसके अलावा, एलटी समेत छह से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाएं भी लटकी हुईं हैं।
उत्तराखंड में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया पंचवर्षीय योजना बनने के साथ सबसे ज्यादा समय तक चलने वाली परीक्षा का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी है। साल 2017 में फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों के लिए सरकार ने विज्ञप्ति जारी की थी। कभी नियमावली संशोधन तो कभी विज्ञान विषय की बाध्यता खत्म करने के चलते सरकार ने दोबारा विज्ञप्ति निकाली। 16 फरवरी 2020 को किसी तरह सवा लाख अभ्यर्थियों ने फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए परीक्षा दी। इस बीच, पेपर के कुछ सवाल सोशल मीडिया पर वायरल होने से आयोग पर सवाल उठे तो 2021 में 57 अभ्यर्थियों के लिए दून में दोबारा परीक्षा कराई गई। करीब चार वर्ष के इंतजार के बाद नौ मार्च को परिणाम जारी किया गया, लेकिन अब तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इससे युवाओं में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो उम्र बीत जाएगी और नौकरी नहीं लग पाएगी।
पीसीएस, लोअर पीसीएस भर्ती चार साल से नहीं आई
उत्तराखंड में पीसीएस और लोअर पीसीएस के रिक्त पदों पर करीब एक साल से विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है। लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली समेत अन्य शहरों में गए युवाओं में निराशा है। कई युवा तो अब उम्र सीमा ज्यादा होने की वजह से आवेदन तक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, पीसीएस और लोअर पीसीएस के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार रिक्त पदों पर शासन को अधियाचन भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही अगले माह तक विज्ञप्ति जारी हो सकती है। लोक सेवा आयोग के सचिव कार्मेंद्र सिंह का कहना है कि शासन से अधियाचन मिलते ही विज्ञप्ति जारी की जाएगी। दो परीक्षाओं को कोविड के चलते स्थगित करना पड़ा है। हालात सामान्य होते ही परीक्षाएं कराईं जाएंगी।
अब ऑनलाइन परीक्षा कराने का भी है विकल्प
यूकेएसएससी ने दिसंबर 2020 में कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा (सीबीटी) कराई थी। पहली परीक्षा सहायक कृषि अधिकारी के लिए कराई गई थी। फिर रेशम निरीक्षक, पशुधन प्रसार अधिकारी के लिए परीक्षा को भी ऑनलाइन कराया गया। इसके बाद आयोग ने कम अभ्यर्थियों वाली परीक्षाओं को भी ऑनलाइन और ऑफलाइन स्तर पर कराया था। ऑनलाइन व्यवस्था के सफल संचालन के बाद आयोग ने कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में टैब व्यवस्था लागू की है। अब आयोग के पास ऑनलाइन तरीके से भी परीक्षा कराने का विकल्प खुला है।
सरकार सभी भर्तियां खोल रही है। अधिकारी भर्ती परीक्षाओं पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। जल्द से जल्द सभी सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री खुद आयोग की परीक्षाओं पर अपने स्तर से कार्रवाई करा रहे हैं। सरकार ने बैकलॉग को खत्म करने का निश्चय किया है। भर्तियों को लेकर जल्द सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे।
- अजय भट्ट, सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर।
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रकिया की फिजिकल प्रक्रिया अगले माह से शुरू होने की उम्मीद है। जल्द इनके एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। कोरोना के चलते कई परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। एक लाख से अधिक आवेदकों वाली परीक्षाओं को कराने में दिक्कत आ रही है। इन परीक्षाओं को 50-50 हजार बच्चों के ग्रुप बनाकर परीक्षा कराई जाएगी। अलग-अलग परीक्षाओं के लिए करीब चार लाख युवाओं ने आवेदन किया है। सब ठीक रहा तो सहायक लेखाकार और एलटी की परीक्षा जुलाई में ही करा दी जाएगी।
-संतोष बडोनी, सचिव यूकेएसएससी