पृथ्वी से सर्वाधिक दूर होने पर बृहस्पति 9.68 करोड़ किमी दूर होता है। यानी गुरुवार (आज) को बृहस्पति पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी के मुकाबले 3.80 करोड़ किमी ज्यादा निकट होगा। आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक शशि भूषण पांडे ने बताया कि बृहस्पति को सूर्य की एक परिक्रमा करने में 11.86 पृथ्वी-वर्ष लगते हैं। सूर्य के चारों ओर घूमते हुए हर 399 दिनों में एक बार बृहस्पति और पृथ्वी सर्वाधिक निकट आते हैं।
पृथ्वी के बाद सबसे पहले देखे गए थे बृहस्पति के चांद
वर्ष 1610 में, गैलीलियो गैलिली ने एक स्वनिर्मित टेलीस्कोप का उपयोग कर बृहस्पति के चार बड़े चंद्रमाओं- आयो, युरोपा, गैनिमीड और कैलीस्टो की खोज की थी। यह गैलिलियाई चंद्रमा के नाम से भी जाने जाते हैं। ये चंद्रमा पृथ्वी के अलावा सौर मंडल में देखे गए पहले चंद्रमा थे। बाद में बृहस्पति के कुल 79 चांद खोजे गए।
इसके बाद 62 चंद्रमाओं के साथ शनि दूसरे नंबर पर था। सर्वाधिक चंद्रमाओं के साथ बृहस्पति चंद्रमाओं का राजा कहलाता था। लगभग पौने दो वर्ष पूर्व शनि के 20 नए चंद्रमाओं की खोज को मान्यता मिलने के बाद से शनि 82 चंद्रमाओं के साथ सर्वाधिक चंद्रमा वाला ग्रह बन गया है।