किच्छा। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्जन नहीं होने का खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। छोटे से लेकर बड़े ऑपरेशन के लिए मरीज जिला अस्पताल या सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी जाने के लिए मजबूर है। इससे उनका समय और रुपये दोनों खर्च होते हैं। स्थानीय लोग सीएचसी में काफी समय से सर्जन तैनाती की मांग कर रहे हैं।
मार्च 2023 में किच्छा अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. अश्विनी चौबे ने वीआरएस ले लिया था। डाॅ. चौबे अस्पताल से गए और ओटी में ऑपरेशन भी बंद हो गए। इसके बाद से रिक्त पद पर स्वास्थ्य विभाग ने किसी दूसरे सर्जन की तैनाती नहीं की। इसका खामियाजा स्थानीय मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मामूली ऑपरेशन के लिए भी लोगों को दूसरे शहर के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
सर्जन की तैनाती के समय यहां पर दूरस्थ जगहों से मरीज ऑपरेशन के लिए आते थे और अस्पताल का वार्ड भी फुल रहता था। अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। सीएचसी में इलाज कराने वालों में अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर लोग होते हैं। इनमें से कई मरीज ऑपरेशन वाले होते हैं और अब उन्हें निराश होकर दूसरे अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
स्वास्थ्य मंत्री और सचिव से की जा चुकी है मांग
सीएचसी में सर्जन नहीं होने का मामला शासन के संज्ञान में है। विधायक तिलक राज बेहड़ ने बताया कि सीएचसी में सर्जन की तैनाती के लिए वह कई बार स्वास्थ्य मंत्री और सचिव से मिल चुके है। स्वास्थ्य मंत्री ने तो तैनाती के लिए आदेश भी जारी कर दिए थे। बताया कि जल्द ही इस मामले में फिर से स्वास्थ्य मंत्री से मिलेंगे।
किच्छा सीएचसी में सर्जन के साथ ही जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। शासन से इस संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अस्पताल में जल्द सर्जन की तैनाती कराई जाएगी। - डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंहनगर।