बेस अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य निदेशक
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हल्द्वानी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती ने कहा है कि सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल मेें खराब पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन के स्थान पर जल्द नई मशीन लगाई जाएगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बंद पड़े हृदयरोग चिकित्सा केंद्र को पीपीपी मोड में संचालित किए जाने के संकेत भी दिए। इस केंद्र के उपकरणों की मौजूदा स्थिति और आवश्यकताओं के संबंध में उन्होंने प्रमुख अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
सोमवार को बेस अस्पताल मेें रेडियोलॉजी, इमरजेंसी और डायलिसिस सेंटर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे डॉ. उप्रेती ने बताया कि प्रदेश में चिह्नित 27 अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। बेस अस्पताल में किन किन विशेषज्ञों की जरूरत है इस बारे में सीएमएस से प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती रिक्त पदों के सापेक्ष की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल द्वारा संचालित हृदयरोग चिकित्सा केंद्र काफी समय से बंद पड़ा है, इसे भी चालू करने पर विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है।
108 सेवा को और बेहतर बनाने की दृष्टि से 63 नयी एंबुलेंस गाड़ियां खरीदी जा रहीं हैं। जल्द ही पुरानी 108 सेवाओं के स्थान पर नई एंबुलेंस गाड़ियां भेज दी जाएंगी। इस दौरान बेस अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसबी ओली आदि मौजूद रहे। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशक ने सुशीला तिवारी अस्पताल में रेडक्रास सोसाइटी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनऔषधी केंद्र का निरीक्षण की दवाओं की उपलब्धता देखी।
500 रोगियों को चाहिए दान में गुर्दा
हल्द्वानी। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती ने बताया कि करीब 500 रोगियों को गुर्दे की जरूरत है, इसके लिए प्रदेश स्तर पर एनजीओ की मदद से अंगदान करने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। एक्ट के अनुसार केवल नजदीकी रिश्तेदार की गुर्दा दान कर सकता है। उन्होंने डायलिसिस सेंटर का निरीक्षण करने के दौरान प्रमुख अधीक्षक को निर्देश दिए कि डायलिसिस सेंटर में आने वाले मरीजों के पंजीकरण को आधार कार्ड से लिंक किया जाए। उन्होंने मरीजों का उम्र के हिसाब से रिकार्ड तैयार किया जाए ताकि यह पता लग सके कि किस उम्र के लोगों में यह रोग बढ़ रहा है।
एसटीएच में पहुंची डेंगू जांच की किट
हल्द्वानी। स्वास्थ्य निदेशक ने दावा किया कि डेंगू के रोगी तेजी से घट रहे हैं। उन्होंने डेंगू के संबंध में बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू जांच के लिए किट उपलब्ध करा दी गई है। पिछले दिनों राजपुरा के एक व्यक्ति की डेंगू से हुई मौत के बारे में कहा कि रेपीड कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आया था, इसके आधार पर मृत्यु डेंगू से होना संदिग्ध ही है।