सरकार शिक्षकों की कमी पूरा करने का दावा कर रही है मगर ग्रामीण क्षेत्रों में बुरा हाल है। शिक्षक न होने से बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भनपोखरा के एक छात्र प्रदीप रूबाली से रहा नहीं गया उसने कहीं से माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का मोबाइल नंबर जुटाया और फोन कर शिक्षकों की तैनाती की गुहार लगा दी।
प्रदीप का कहना था कि ब्लॉक के सभी स्कूलों में शिक्षकों के तमाम पद खाली हैं। इस कारण शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। शासन प्रशासन, विभाग और जनप्रतिनिधियों की ओर से उपेक्षा की जा रही है। प्रदीप के अनुसार उसी के स्कूल में सिर्फ पांच शिक्षक हैं।
प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। आदर्श इंटर कॉलेज पतलोट में प्रवक्ता के 11 पदों में से सिर्फ दो ही भरे हैं। एलटी में भी कई पद खाली हैं। बता दें कि करीब पांच-छह महीने पहले विकास खंड के विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत कुलदीप, आरती और आशुतोष रूबाली भी विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर और फोन कर शिक्षकों की कमी दूर कराने की मांग कर चुके हैं।
रविवार को ओखलकांडा से छठी कक्षा के एक छात्र का फोन आया था। छात्र स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर कराने की मांग कर रहा था। छात्र को बताया गया है कि जल्द ही शिक्षकों की पदोन्नति होने वाली हैं, लिहाजा मई के आखिरी तक या जुलाई पहले हफ्ते तक शिक्षकों की कमी दूर करा दी जाएगी। जून में ज्यादातर स्कूलों में छुट्टियां होती हैं, जहां जून में छुट्टियां नहीं होती हैं वहां भी जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था करा दी जाएगी।
- आरके कुंवर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक उत्तराखंड।