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मैं नहीं मारता तो वह मुझे फावड़े से काटकर मार ड़ालते

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रुद्रपुर। दो भाइयों के हत्यारोपी बलिया के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू ने पुलिस हिरासत में बताया कि वह मंगलवार को अपना खेत देखने के लिए गया था। खेत में मेड़ को लेकर उसकी गुरकीर्तन सिंह और उसके भाई गुरपेज सिंह से कहासुनी हो गई थी। आक्रोशित गुरकीर्तन सिंह व गुरपेज ने फावड़ा लेकर उसे काटने की कोशिश की। अपने बचाव में फायरिंग की तो गोली गुरपेज के लग गई। इसके बाद गुरकीर्तन सिंह को भी मार दिया। मैं नहीं मारता तो वह मेरी फावड़े से काटकर मेरी हत्या कर देते।
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बुधवार को हत्याकांड का खुलासा करने के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए हत्योपी राकेश मिश्रा ने बताया कि कुछ साल पहले उसने अपने खेत के किनारे मेड़ में पॉप्लर और यूकेलिप्टिस के पेड़ लगाए थे। पेड़ बड़े होते ही ग्राम लंका निवासी गुरकीर्तन सिंह और उसका भाई गुरपेज सिंह उन्हें काटने का दबाव बनाने लगे थे। पेड़ की वजह से वह अपनी फसल नहीं होने की बात कहते थे। दोनों भाइयों के कहने पर उसने पेड़ों को कटवा दिया था। उसका कहना है कि पेड़ कटने के बाद दोबारा उसकी शाखाएं अंकुरित होकर पेड़ का रूप ले रहे थे। मंगलवार को वह खेत में गया तो पेड़ की शाखाओं को गुरकीर्तन सिंह और उसके भाई गुरपेज सिंह ने बगैर पूछे ही काट दिया। इसके अलावा खेत के बगल में मेड़ को उसकी जमीन की तरफ दबा दिया। उसने विरोध किया तो गुरकीर्तन और उसके भाई गुरपेज फावड़ा लेकर उसे काटने के लिए दौड़ पड़े। किसी तरह से उसने अपनी जान बचाई। इधर, आसपास के लोगों का कहना है कि राकेश मिश्रा अपने घर गया। हाथ में राइफल लेकर आया और दोनों भाइयों को गोली मार दी।
दरोगा के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज
रुद्रपुर। एएसपी ममता बोहरा ने बताया कि दरोगा की लाइसेंसी राइफल का गलत प्रयोग हुआ है। काठगोदाम थाने में तैनात दरोगा राजेश मिश्रा के खिलाफ आर्म्स एक्ट में भी केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले दरोगा के खिलाफ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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हत्यारोपियों के घर में छह असलहे, सभी के निरस्तीकरण की तैयारी
रुद्रपुर। हत्यारोपियों के घर में चार लोगों के नाम पर छह लाइसेंसी असलहे हैं, जिसमें दो असलहे महिलाओं के नाम पर हैं। पुलिस सभी असलहों के निरस्तीकरण की तैयारी कर रही है।
एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि काठगोदाम में तैनाम दरोगा राजेश मिश्रा के नाम पर दो असलहे हैं। इसमें एक 315 बोर रायफल, डबल बैरल बंदूक है। इसकी पत्नी के नाम भी एक डबल बैरल बंदूक है। इसी तरह मुख्य हत्यारोपी राकेश मिश्रा के पास 32बोर की पिस्टल, 315 बोर की रायफल है। इसकी पत्नी के नाम पर एक डबल बैरल बंदूक है। उन्होंने बताया कि परिवार ने इतने असलहों के लाइसेंस किस अवधि में बनाए और किस आधार पर बनाए सभी कोणों की जांच की जाएगी। बताया कि डीएम को पत्राचार कर असलहों की जांच कर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
दरोगा और उसके बेटों को बचा तो नहीं रही पुलिस!
रुद्रपुर। दरोगा राजेश मिश्रा और उसके बेटे शिवम और शुभम के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने राकेश मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद शिवम और शुभम को भी गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन खुलासे के समय राकेश को ही मीडिया के सामने लाया गया। एसएसपी डीएस कुंवर का कहना है कि अब तक की जांच में राकेश मिश्रा की ही संलिप्ता मिली है। अन्य लोगों पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम किया कलंकित
रुद्रपुर। दो किसान भाइयों की हत्या का मुख्य आरोपी राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू बैरिया जिला बलिया के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंचानंद मिश्रा का भतीजा है। ग्रामीणों के अनुसार तत्कालीन सरकार ने पंचानंद को प्रीतनगर में 25 एकड़ जमीन एलाट की थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने अपने दो भाइयों को पांच-पांच एकड़ जमीन दे दी। उनके भाई के राजेश मिश्रा और राकेश मिश्रा बेटे हैं। राकेश मिश्रा ने दो किसान भाइयों की जमीन के लिए हत्या कर अपने ताऊ पंचानंद मिश्रा के नाम को भी कलंकित कर दिया। पूरे गांव में बुधवार को लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की अच्छाइयों को भूनकर उनके पोते राकेश की करतूतों को कोसते दिखे।
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