नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग आपरेशन की जांच सीबीआई से कराने संबंधी आदेश को निरस्त करने को लेकर दायर याचिका में विपक्षी हरक सिंह रावत को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस जवाब का प्रतिशपथपत्र सात दिन के भीतर देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ जो स्टिंग हुआ है उसमें विधायकों की खरीद फरोख्त का जो आरोप उन पर लगा है उसमें विधायकों का जिक्र नहीं है। याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति वापस ले ली है। इसलिए सीबीआई जांच के आदेश निरस्त किए जाए।
इस संदर्भ में केंद्र सरकार व सीबीआई ने जवाब दाखिल कर कहा कि जब किसी मामले की सीबीआई जांच के आदेश हो जाते है तो राज्य सरकार इसे वापस लेने की संस्तुति नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग आपरेशन की सीडी फारेंसिक जांच में सही पाई गई है। मंगलवार को हुई पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने हरक सिंह रावत को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस जवाब का प्रतिशपथपत्र सात दिन के भीतर देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तिथि नियत की।