हाईकोर्ट ने सुशीला तिवारी अस्पताल के तीन डाक्टरों सौरभ शुक्ला, डा. नेहा चौहान व डा. मधुलिका गुप्ता को सरकारी अस्पतालों में सीनियर रेजीडेंट के पद पर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी देने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सौरभ शुक्ला व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनका एआईएमटी के तहत चयन हुआ है और सरकार जबरदस्ती उनसे बांड भरवा रही है।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सरकारी अस्पतालों में सीनियर रेजीमेंट के पद पर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी देने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि डाक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने बांड भरवाकर डाक्टरों को अनिवार्य रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में तीन साल तक की सर्विस करने का प्रावधान किया था। इन डाक्टरों का कहना था कि एआईएमटी में उनका चयन हुआ था और इस लिहाज से उनसे बांड नहीं भरवाया जा सकता।