तिब्बती समुदाय ने नववर्ष लोसर पर्व के मौके पर रविवार को सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में विविध धार्मिक अनुष्ठान किए। समुदाय की ओर से विश्व शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना कर धार्मिक गुरु दलाईलामा के दीर्घायु की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को लोसर की शुभकामनाएं दीं।
रविवार को सुबह 9:30 बजे मठ के मुख्य गुरु घिसी कुंजोक के नेतृत्व में पूजा-अर्चना शुरू हुई। तिब्बतियों ने भारत की ओर से तिब्बत को दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। बाद में सभी को प्रसाद वितरण किया गया। इससे पूर्व बौद्ध मठ के सामने लगाया गए ध्वज को भी बदला गया।
बता दें कि यह ध्वज धार्मिक गुरु दलाईलामा की दीर्घायु के साथ ही समुदाय के शुभंकर का प्रतीक है। लोसर पर्व में तिब्बती समुदाय की ओर से विशेष पकवान भी बनाए गए थे, जबकि वह मांसाहार से वर्जित रहे। इस दौरान तेनडुप सिरिंग, सेरिंग तोपगैल, तेनजिग ठिल्ले, झम्पा, टासी डोलमा, झेरिंग पेगी, यांग झोम, डोलमा, तेनजिंग छैपेल, सोनम, पेमा, वैलजोम आदि थे।