तभी शाम 5 बजे अचानक से लोग कालाढूंगी तिराहे से भागते हुए आने लगे और ऑटो रिक्शा भी तेजी से जाने लगे। जैसे ही बनभूलपुरा में बवाल की सूचना मिली तो वह भी अपना ठेला लेकर वहां से चले गए। आसपास के अन्य ठेले वाले भी तुरंत चले गए। बताया कि करीब दो से ढाई हजार का नुकसान उस दिन हुआ था। एक दिन दुकान बंद रही, लेकिन आज किसी तरह से दुकान लगाने की हिम्मत की है। लेकिन अभी भी डर लग रहा है कि कहीं पुलिस वाले आकर न भगा दें।
कर्फ्यू हटा, लेकिन फिर भी दुकान करवा रहे बंद
कालाढूंगी रोड पर दोपहर में एक गजक की दुकान खुली थी। लेकिन कालाढूंगी तिराहे पर मौजूद कुछ पुलिस वाले वहां पहुंचे और दुकान बंद करने के लिए बोल गए। इस पर दुकानदार अपनी दुकान बंद करने लगा। मगर जब कर्फ्यू पर असमंजस खत्म हुआ तब दुकान खुली।
शाम को खुली सब्जी, फल की दुकानें
कालाढूंगी रोड पर शाम को सब्जी की ठेलियां खुलने लगी थी। वहीं चित्रशिला के करीब भी सब्जी की दुकानें शाम को खुलने लगी थी। इनके साथ ही कुछ अन्य दुकानें भी कुछ-कुछ जगह पर खुल गई थी। मगर सभी जगह लोग ग्राहकों का ही इंतजार करते नजर आए। वहीं देवलचौड़ चौराहे के करीब सुबह से ही दुकानें खुली हुई थी।